
कृतिका भारद्वाज
जनादेश /उत्तराखंड /हल्द्वानी। पुलिस ने ट्रक और डंपरों की बैटरी पार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। आरोपित उत्तर प्रदेश के बहेड़ी के रहने वाले हैं।पुलिस गिरफ्त में पूछताछ के दौरान एक आरोपित ने बताया कि वह फौज में जाने के लिए अग्निवीर भर्ती में हिस्सा ले चुका है। लेकिन पुलिस के पास वैरिफिकेशन से जुड़ी फाइल पहुंचने पर उसकी पोल खोल गई। पहले से एक मुकदमा होने के कारण उसे भर्ती से बाहर कर दिया गया।
बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के लाइन नंबर 13 आजाद नगर निवासी जुहैब आलम ने 12 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज करा कहा था कि इंदिरानगर गेट के पास वाहन पार्किंग में खड़े उसके डंपर से किसी ने बैटरी चोरी कर ली। आसपास खड़े कई अन्य वाहनों की बैटरी भी पार हुई। जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह फर्त्याल के नेतृत्व में टीम चाेरों की तलाश में जुट गई।
कैमरें खंगालने पर कुछ संदिग्धों की जानकारी भी लग गई। जिसके बाद पुलिस ने गौला बाइपास से विनोद कुमार पुत्र अमर सिंह, रंजीत सिंह पुत्र ख्याली राम, रंजीत सिंह पुत्र राम भरोसे निवासी ग्राम पिंडारी अशोक, थाना बहेड़ी जिला बरेली के साथ ही बहेड़ी के मोहल्ला अब्बास नगर निवासी कबाड़ कारोबारी जलील अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया।
कार से छह बैटरी भी बरामद हो गई। वहीं, रविवार को पुलिस बहुद्देश्यीय भवन में प्रेसवार्ता के दौरान सीओ अमित कुमार सैैनी ने बताया कि इससे पूर्व भी आरोपितों ने गौला नदी किनारे खड़े कई खनन वाहनों की बैटरी गायब की थी। सामान जलील कबाड़ी को ही बेचा जाता था। पुलिस जलील का आपराधिक रिकार्ड खंगालने में जुटी है। जबकि तीन अन्य पर बहेड़ी थाने में चोरी से जुड़े दो मामले पहले से दर्ज है।पूछताछ में पता चला कि फौज में भर्ती होने के लिए विनोद कुमार ने पूर्व में अग्निवीर भर्ती में भी हिस्सा लिया है। यहां शुरूआती चरण तो पास कर लिए। लेकिन जब पुलिस के पास उसका वैरिफिकेशन पहुंचा तो पुराने केस की वजह से भर्ती से बाहर हो गया। पुलिस उसके इस बयान को तस्दीक करेगी।हल्द्वानी से पुलभट्टा तक खंगाले 100 कैमरे
रंजीत पुत्र ख्याली राम पूर्व में गौला में खनन वाहन में चालक की नौकरी कर चुका है। इसलिए उसे पूरी जानकारी थी कि उपखनिज निकासी के बाद अधिकांश चालक ट्रक-डंपर को खड़ा कर घर चल देते हैं। यानी चोरी की वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। आरोपितों तक पहुंचने के लिए हल्द्वानी से लेकर पुलभट्टा तक पुलिस ने करीब 100 कैमरे खंगाले थे। जिससे पुष्ट हो गया कि बहेड़ी का गिरोह हल्द्वानी में बैटरी पार कर रहा है।
दिल्ली से खरीदी कार, जुटाए थे एक लाख
चोरी की बैटरियों को उत्तराखंड से दूसरे राज्य पहुंचाने के लिए स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया जाता था। मेरठ के रजिस्ट्रेशन नंबर की इस गाड़ी को दिल्ली से खरीदा गया था। इसके लिए आरोपितों ने एक लाख रुपये मिलाए थे। 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ी का इंश्योरेंस भी नहीं है। गिरफ्तारी टीम में एसएसआइ गगनदीप सिंह, एसआइ मनोज यादव, सिपाही महबूब अली आदि शामिल थे।



