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ये है पहाड़ का दर्द, एंबुलेंस के इंतजार में गर्भवती की मौत; 2 घंटे तड़पती रही

देवप्रयाग में आठ माह की गर्भवती महिला की समय पर एंबुलेंस न मिलने से मौत हो गई। अस्पताल की एंबुलेंस खड़ी रही पर चालक के न होने और तकनीकी खराबी के बहाने दो घंटे तक मदद नहीं मिल सकी।

कृतिका भारद्वाज

जनादेश /उत्तराखंड के देवप्रयाग से में समय पर एम्बुलेंस न मिलने से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। वह सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई थी। महिला करीब दो घंटे तक तड़पती रही, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची।

बुधवार देर शाम, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कार्यरत विनोद की 31 वर्षीय गर्भवती पत्नी शिखा सीढ़ियों से गिरकर लहूलुहान हो गई थी। विनोद ड्यूटी पर थे, तभी पड़ोसी दुकानदार शीशपाल भंडारी ने महिला को सीएचसी बागी पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे श्रीनगर रेफर कर दिया। विडंबना देखिए कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि ‘गाड़ी का स्टेयरिंग खराब है और चालक छुट्टी पर है’।

शीशपाल ने खुद एंबुलेंस चलाने की पेशकश भी की, लेकिन नियमों का हवाला देकर उसे अनसुना कर दिया गया। लगभग दो घंटे तक अस्पताल में तड़पने के बाद रात नौ बजे 108 एंबुलेंस पहुंची। तक शिखा को ले जाया जा सका लेकिन अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वह आठ माह की गभर्वती थी।
सीएचसी प्रभारी डॉ. अंजना गुप्ता ने बताया कि महिला को भारी ब्लीडिंग हो रही थी। हालत स्थिर करने का प्रयास किया गया था। एंबुलेंस चालक के अवकाश पर होने के कारण तुरंत मदद उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।

Janadesh Express

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