उत्तराखंड

उत्तराखंड की राजधानी में मनरेगा योजनाओं पर ब्रेक, 50 करोड़ के पार हुई बकाया देनदारी

कृतिका भारद्वाज

जनादेश देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रो में मनरेगा योजनाओं की गति पर ब्रेक लगे हैं। वहीं, निर्माण सामग्री की देनेदारी 50 करोड़ के पार हो गई है। जुलाई के बाद से अभी तक कोई पैसा जारी नहीं हुआ है। ऐसे में बकाया भुगतान लगातार बढ़ने से दुकानदार भी निर्माण सामग्री देने से हिचकने लगे हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष समाप्ति के नजदीक पहुंच गया है, लेकिन आधी योजनाएं भी धरातल पर पूर्ण नहीं हो सकी है।ग्राम्य विकास में अहम भूमिका निभाने वाली मनरेगा योजना की दून में रफ्तार पर ब्रेक लगे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अनुमोदित कुल 8985 में से मात्र 1833 योजनाएं सौ प्रतिशत पूर्ण हुई हैं, जबकि 7152 योजनाएं अभी भी आधे-अधूरे निर्माण के बीच लटकी हैं। कार्य की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दस माह में मात्र 22 प्रतिशत योजनाएं धरातल पर पूर्ण हो सकी हैं।विभागीय सूत्रों ने बताया कि पक्के कार्यों में सीमेंट, बालू, बजरी , सरिया व अन्य सामग्री का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है। इस निर्माण सामग्री की खरीदारी निजी दुकानदारों से की जाती है। इसके लिए समय-समय पर पर उन्हें भुगतान जारी किया जाता है। वहीं, सरकार की ओर से जुलाई माह में 12.37 करोड़ रुपये का बजट भेजा गया , लेकिन छह माह से कोई बजट जारी नहीं हुआ। ऐेसे में निर्माण सामग्री की देनदारी 50 करोड़ से ऊपर चली गई है। निर्माणधीन योजनाओं के लिए भी दुकानदार सामग्री देने से बच रहे हैं। उधर, विभागीय अधिकारी दुकानदारों को जल्द भुगतान आने का भरोसा देकर योजनाओं को पूरा कराने में लगे हैं।
विकासखंडवार कहां कितनी योजनाएं अधूरी
डोईवाला -443
रायपुर -573
विकासनगर -682
कालसी -3114
सहसपुर -477
चकराता -1863
मनरेगा में पक्के निर्माण कार्य
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजनाओं में विभिन्न पक्के निर्माण कार्य कराए जाते हैं। इसमें तालाब की चारदीवारी व सौंदर्यकरण, सीसी रोड, खड़ंंजा, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, छोटी नहरें व गुल, सिंचाई के लिए चेकडैम, फार्म पाउंड आदि अन्य निर्माण मनरेगा योजनाओं में शामिल होते हैं।
नई योजनाओं के प्रस्ताव अभी शामिल नहीं
मनरेगा अब वीबी जी राम जी यानि विकसित भारत -रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण के नाम से पुकारा जाने लगा है। वहीं, योजना के संबंध में अभी पूर्णरूप से एसओपी जारी नहीं हो सकी है। फिलहाल योजना के प्रसार-प्रचार का कार्य हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि नई योजना में टाइप वर्क में बदलाव के संबंध में अभी खामोशी है। योजना से जुड़े साफ्टवेयर रिव्यू हो रहा है। ऐसे में नई योजनाओं के प्रस्तावों को शामिल नहीं किया जा रहा है।मनरेगा योजनाओं में निर्माण सामग्री की देनदारी बकाया है, लेकिन अधिकारियों की ओर से इसे जल्द जारी करने का भरोसा दिया गया है। वहीं, निर्माणधीन योजनाओं का 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष समाप्ति में अभी समय है अधिक से अधिक योजनाओं को पूर्ण करने के प्रयास जारी हैं। -सुनील कुमार, डीडीओ, देहरादून

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