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देहरादून: कश्मीरी भाषा बोलने पर दो भाइयों पर हमला, एक किशोर गंभीर रूप से घायल

 कृतिका भारद्वाज

जनादेश /उत्तराखंड के देहरादून में कश्मीरी भाषा में बातचीत करने पर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से आए दो कश्मीरी किशोरों पर एक दुकानदार और उसके साथियों ने कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणियां करते हुए बेरहमी से हमला कर दिया। इस हमले में 17 वर्षीय छोटे भाई के सिर में गंभीर चोट आई और कंधे में फ्रैक्चर हो गया।
पीड़ितों की पहचान मोहम्मद दानिश (18) और उसके छोटे भाई मोहम्मद ताविश (17) के रूप में हुई है, जो सर्दियों के मौसम में शॉल बेचने के लिए देहरादून आए थे। घटना बुधवार शाम विकासनगर इलाके में हुई।
दानिश के अनुसार, दोनों भाई एक किराना दुकान से सामान खरीदकर बाहर निकल रहे थे और आपस में कश्मीरी भाषा में बात कर रहे थे। तभी दुकानदार ने उन्हें रोककर उनका नाम और मूल स्थान पूछा। जब उसे पता चला कि वे कश्मीरी मुस्लिम हैं, तो उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा, “तुम लोगों ने ही पहलगाम हमला किया है।”
इसके बाद दुकानदार के साथ कम से कम तीन अन्य लोग, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, आ गए और उन्होंने लोहे की रॉड और डंडों से दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। हमले में ताविश के सिर से खून बहने लगा और उसके बाएं कंधे में फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां ताविश के सिर में सात टांके लगाए गए।
दानिश की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117(2) (गंभीर चोट पहुंचाना) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) के तहत मामला दर्ज किया। मुख्य आरोपी संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में कश्मीरियों पर हो रहे हमले “अस्वीकार्य” हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के संयोजक नासिर खुएहामी ने कहा कि यह घटना सांप्रदायिक प्रोफाइलिंग और भीड़ हिंसा की खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहां लोग केवल रोज़गार के लिए बाहर आते हैं और उन्हें निशाना बनाया जाता है।
गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में उत्तराखंड में कश्मीरी विक्रेताओं पर इस तरह की कम से कम तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 25 हिंदू पर्यटकों और एक कश्मीरी मुस्लिम घुड़सवार की हत्या कर दी थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर और पूर्वोत्तर से आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जिलों को नियमित निर्देश दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए उनका रिकॉर्ड भी रखा जाता है।

Janadesh Express

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