अपराधउत्तराखंड

71 वर्षीय बुजुर्ग को 43 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा, मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखा 64 लाख ठगे

देहरादून में 71 वर्षीय एक बुजुर्ग को साइबर ठगों ने 43 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। 6 करोड़ के फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर 64 लाख रुपए ठग लिए। बुजुर्ग इस दौरान गिरफ्तारी और बदनामी के डर से घर पर कैद रहे।

कृतिका भारद्वाज

जनादेश /देहरादून lउत्तराखंड की राजधानी देहरादून में डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। जल निगम से रिटायर्ड 71 वर्षीय बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और जेल भेजने का डर दिखाकर 64.65 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगों ने बुजुर्ग को 43 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा।ओम विहार, अजबपुर कलां निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि वह जल निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। बीती 21 नवंबर की दोपहर उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने कहा कि उनके खिलाफ दिल्ली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। आरोपियों ने धमकाया कि अगर उन्होंने तुरंत एनओसी नहीं ली, तो उनके आधार और पैन कार्ड सीज कर दिए जाएंगे।वर्दी पहनकर वीडियो कॉल पर डराया

कॉल को कथित सीबीआई और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को ट्रांसफर किया गया। ठगों ने बताया कि संदीप कुमार नाम का एक व्यक्ति पकड़ा गया है और आपके खाते का इस्तेमाल छह करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है, जिसमें आपको 60 लाख मिले हैं। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बलराज सिंह नाम का व्यक्ति पुलिस की वर्दी में सामने आया। उसने सुप्रीम कोर्ट का फर्जी गैर-जमानती वारंट दिखाते हुए कहा कि आपको गिरफ्तार कर तीन महीने के लिए रिटेंशन सेंटर भेज दिया जाएगा।

बचने के लिए गंवा दिए 64 लाख

बुजुर्ग गिरफ्तारी और बदनामी के डर से घबरा गए। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट (लगातार वीडियो कॉल या रि रखना) कर लिया और अलग-अलग तारीखों में उनसे कुल 64 लाख 65 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस के मुताबिक जांच शुरू कर दी गई है।बुजुर्ग को 43 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा

बुजुर्ग गिरफ्तारी और बदनामी के डर से घबरा गए। ठगों ने उन्हें 43 दिन डिजिटल अरेस्ट (लगातार वीडियो कॉल या निगरानी) में रखा। इसके बाद उनसे अलग-अलग तारीखों में उनसे 64 लाख 65 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

Janadesh Express

Related Articles

Back to top button