
कृतिका भारद्वाज
जनादेश /उत्तराखंड /रुड़की। एक बार फिर कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि चर्चाओं में है। कभी सेना में जाने का ख्वाब पालने वाला कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि अब प्रदेश के चर्चित गैंगस्टर में शामिल है। उस पर विभिन्न थानों में 35 मुकदमे दर्ज है। अब तक उसको छह मामलों में सजा हो चुकी है जबकि एक मामले में उसको आजीवन कारावास भी हुआ है।अल्मोड़ा जेल में बंद कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि निवासी नई बस्ती कोतवाली गंगनहर एक बार फिर चर्चाओं में है। जेल के अंदर तलाशी के दौरान उसके पास से आपत्तिजनक सामान मिला है। कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि रुड़की में जरायम की दुनिया में बीस साल से सक्रिय है।उत्तराखंड के टॉपटेन गैंगस्टर में शामिल
कभी सेना में भर्ती होने के लिए सड़कों पर दौड़ लगाने वाला कुख्यात प्रवीण इस वक्त उत्तराखंड के टॉपटेन गैंगस्टर में शामिल है। कुख्यात सुनील राठी गिरोह के सदस्य के रूप में काम करने वाला प्रवीण वाल्मीकि वर्ष 2006 में मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के तांशीपुर गांव के समीप लूट के एक मामले में जेल गया। उसके बाद से एक तमंचा बरामद हुआ। तब से उसके अपराध की फेहिस्त लंबी होती चली गई।
रुड़की जेल के जेलर को धमकाने के लिए उसकी कार के नीचे बम रख दिया। इतना ही नहीं रुड़की शहर के सफाई नायब वसंत की हत्या के मामले में भी वह चर्चित रहा।पिछले साल एसटीएफ ने कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि, उसके पार्षद भतीजे मनीष बोजर समेत छह लोगों के खिलाफ जालसाजी एवं जमीन की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी समेत कई मामले उसके खिलाफ चल रहे हैं। एक मामले में उसको आजीवन कारावास की सजा हो चुका है।


