उत्तराखंड में फर्जी CSC सेंटर का भंडाफोड़, मुंह मांगी कीमत पर 5 मिनट में आधार-पैन कार्ड तैयार

कृतिका भारद्वाज
जनादेश lउत्तराखंड के रुद्रपुर में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। साल भर से ट्रांजिट कैंप में यह फर्जी जनसेवा केंद्र चल रहा था, जहां बाहरी राज्यों के लोगों के फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाए जा रहे थे। एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए केंद्र के संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ‘पिक्सेल लैब’ ऐप के जरिए दस्तावेजों को एडिट कर फर्जीवाड़ा करता था। मौके से आधार-पैन सहित 97 से अधिक दस्तावेज और उपकरण मिले हैं।एसटीएफ के एसआई विपिन जोशी और केजी मठपाल के नेतृत्व में टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मछली मार्केट रोड स्थित ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ में बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों के फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। टीम ने दुकान पर छापा मारा। मौके पर मौजूद युवक ने अपनी पहचान रामपुर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी गड्डा कॉलोनी, शिमला बहादुर, ट्रांजिट कैंप चेतन कुमार के रूप में दी। जांच में सामने आया कि आरोपी पिक्सेल लैब ऐप के जरिए दस्तावेजों में नाम और पता बदलकर उनका प्रिंट निकाल लेता था। उसके मोबाइल से भी फर्जी दस्तावेजों की कई तस्वीरें मिली हैं।जनसेवा केंद्र की आड़ में अवैध कारोबार
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के जनसेवा केंद्र की आड़ में यह अवैध कारोबार चला रहा था। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह सिडकुल की कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ये फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस जन सेवा केंद्र और उपकरणों को सील कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसकी बरामदगी की
आरोपी के पास से 42 आधार कार्ड, 55 पैन कार्ड, 9 हाईस्कूल अंकतालिकाएं (1 मूल, 8 फर्जी), 11 फोटोशीट के साथ ही 9,000 रुपये नकदी बरामद हुई है। आरोपी से मॉनिटर, एचपी कलर प्रिंटर, सीपीयू, की-बोर्ड और बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि उपकरण भी बरामद किए है l यूएस नगर एसएसपी अजय गणपति ने मामले में कहा कि आमजन से अपील है कि फर्जी दस्तावेज बनवाने और इनका उपयोग करने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या इस धोखाधड़ी के पीछे कोई और भी है?
पकड़े गए आरोपी युवक ने पुलिस को बताया कि वह एक साल से भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ‘गंगवार’ नाम से जनसेवा केंद्र संचालित कर रहा था। युवक मूल रूप से यूपी के रामपुर जिले का है और ट्रांजिट कैंप में किराये पर रहकर जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी दस्तावेज बना रहा था। अब सवाल यह खड़ा होता है कि क्या यह केंद्र गिरफ्तार युवक का ही है या इस फर्जीवाड़े में कोई और भी शामिल है।
नौकरी के लिए मुंह मांगी कीमत देते थे बाहरी लोग
एसटीएफ के मुताबिक, ट्रांजिट कैंप क्षेत्र सिडकुल के नजदीक और अत्यंत भीड़भाड़ वाला होने के कारण यहां बाहरी राज्यों से आए कई लोग नौकरी की तलाश में रहते हैं। युवक ने पूछताछ में बताया कि चूंकि सिडकुल की कंपनियों में उत्तराखंड के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए बाहरी राज्यों के लोग यहां का आधार कार्ड और मार्कशीट बनवाने आते थे। वह एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के जरिए ग्राहक की फोटो लेकर, उनके बताए नाम और पते को एडिट कर फर्जी आधार कार्ड प्रिंट करता था और इसके बदले मुंह मांगी रकम वसूलता था।



