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दिल्ली में गहराया जल संकट, छह जल शोधन संयंत्र प्रभावित

कृतिका भारद्वाज                                           
 जनादेश /नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जल संकट एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिख रहा है। शहर के नौ प्रमुख जल शोधन संयंत्रों में से छह या तो पूरी तरह बंद हो गए हैं या फिर बेहद कम क्षमता पर काम कर रहे हैं। इसके चलते उत्तर, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और मध्य दिल्ली के बड़े हिस्सों में नियमित जल आपूर्ति बाधित हो गई है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो यह संकट फरवरी की शुरुआत तक खिंच सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, जल आपूर्ति में आई इस भारी रुकावट के पीछे दो समानांतर कारण जिम्मेदार हैं। पहला, यमुना नदी में अमोनिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाने के कारण दो प्रमुख जल शोधन संयंत्रों को एहतियातन बंद करना पड़ा। उच्च अमोनिया स्तर से जल शोधन की प्रक्रिया प्रभावित होती है और पीने योग्य पानी की गुणवत्ता पर गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।
दूसरा कारण हरियाणा के मुनक नहर में चल रहा मरम्मत कार्य है, जिसके चलते कच्चे पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। इस मरम्मत कार्य का सीधा असर दिल्ली के चार अन्य जल शोधन संयंत्रों पर पड़ा है, जिन्हें पर्याप्त मात्रा में कच्चा पानी नहीं मिल पा रहा है।
जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं और प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, बढ़ती मांग और सीमित संसाधनों के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पानी का उपयोग बेहद संयम से करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना में बढ़ता प्रदूषण और अंतरराज्यीय जल प्रबंधन की समस्याएं दिल्ली के जल संकट को बार-बार गंभीर बना देती हैं। यदि स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में ऐसे हालात और भी विकराल रूप ले सकते है l 

Janadesh Express

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