गणतंत्र दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर की झांकी प्रदर्शित करेंगे भारतीय सशस्त्र बल

कृतिका भारद्वाज
जनादेश /नई दिल्ली:भारतीय सशस्त्र बल गणतंत्र दिवस परेड में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक भव्य झांकी प्रस्तुत करेंगे। झांकी का मूल मंत्र “संयुक्तता के माध्यम से विजय” होगा, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ढांचे के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई में थलसेना, वायुसेना और नौसेना के समन्वय और सफलता को दर्शाएगा।
एएनआई से बातचीत में एयर कमोडोर मनीष सभरवाल ने झांकी की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इसमें पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों के विनाश और ऑपरेशन में प्रयुक्त हथियार प्रणालियों को दर्शाया गया है। झांकी में सीमा रेखा के दोनों ओर भारत (पूर्व) और पाकिस्तान (पश्चिम) को दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन की पहली ही रात में नौ आतंकी शिविर नष्ट किए गए—जिनमें से सात थलसेना और दो वायुसेना द्वारा संयुक्त अभियानों में ध्वस्त किए गए। इस दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों को भी झांकी में प्रदर्शित किया गया है।
एयर कमोडोर सभरवाल ने कहा, “थलसेना द्वारा हाउइट्जर तोप और स्वदेशी कामिकाज़े ड्रोन का उपयोग किया गया, जबकि वायुसेना ने राफेल सहित अन्य प्लेटफॉर्म से सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया—इन सबको झांकी में दिखाया गया है।”
झांकी के केंद्र में ऑपरेशन की पूरी कहानी उभरती है, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के ‘नए सामान्य’—त्वरित प्रतिक्रिया, नियंत्रित तनाववृद्धि और अचूक सटीकता—को प्रतिबिंबित करती है। इसमें HAROP लोइटरिंग म्यूनिशन द्वारा दुश्मन के वायु रक्षा रडार को निष्क्रिय करना दिखाया गया है, जो मानवरहित सटीक युद्धक क्षमता में भारत की बढ़त को दर्शाता है। इसके बाद SCALP मिसाइलों से लैस राफेल विमान द्वारा आतंकी ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक को दिखाया गया है। आगे SU-30 MKI द्वारा दागी गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल से मजबूत एयरक्राफ्ट शेल्टरों के विनाश को दर्शाया गया है—जो गहराई तक, तेज़ी से और सटीक प्रहार की भारत की क्षमता का स्पष्ट संदेश है।
ऑपरेशन के शिखर पर भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली की विस्तारित पहुंच दिखाई गई है। S-400 प्रणाली ने 350 किलोमीटर की दूरी पर सबसे लंबी रेंज की एंगेजमेंट करते हुए दुश्मन के एयरबोर्न अर्ली-वॉर्निंग प्लेटफॉर्म को निष्क्रिय किया—यह संदेश देते हुए कि भारत पहले देखता है, पहले निर्णय लेता है और पहले नष्ट करता है।
झांकी में अरब सागर में नौसैनिक नाकेबंदी को भी दर्शाया गया है, जिससे “संयुक्तता के माध्यम से विजय” का संदेश पूर्ण होता है। एयर कमोडोर सभरवाल ने कहा, “नौसेना भी हमारी त्रि-सेवा संरचना का अहम हिस्सा है। अरब सागर में की गई नौसैनिक नाकेबंदी अत्यंत प्रभावी रही, और इसी कारण हम इसे संयुक्तता के माध्यम से विजय कहते हैं—तीनों सेवाओं ने कम समय में मिलकर योजना बनाई और अभियानों को पूर्णता के साथ अंजाम दिया।”
ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले—जिसमें 26 लोगों की जान गई—के बाद शुरू की गई सैन्य कार्रवाई थी। इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और कई आतंकवादियों को मार गिराया।



