उत्तराखंड

उत्तराखंड में रिश्तों का कत्ल, सगे छोटे भाई ने जमीन विवाद में गोली मारकर मौत के घाट उतारा

कृतिका भारद्वाज 

जनादेश lउत्तराखंड के गदरपुर में गांव बकैनिया में रविवार देर रात दो सगे भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। छोटे भाई ने बड़े भाई को लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार दी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में ले पूछताछ की है। यह भी बताया जा रहा है कि गोली छोटे भाई के बेटे ने चलाई। घर पर उसी के नन्हें बच्चे के नामकरण की तैयारी चल रही थी।जानकारी के अनुसार, ग्राम बकैनिया निवासी 60 वर्षीय सर्वेश्वर सिंह का अपने तीन अन्य भाइयों के साथ करीब आधा एकड़ वर्ग-4 भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार देर रात यह विवाद उस समय बढ़ गया, जब बड़े भाई का पुत्र अपने चाचा के घर के बाहर बातचीत करने पहुंचा। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि छोटे भाई के परिवार के लोगों ने मिलकर सर्वेश्वर के पुत्र को घेर लिया।गोली छोटे भाई के बेटे ने चलाई!
सूत्रों के मुताबिक, इस बीच छोटे भाई का बेटा घर के अंदर से पिस्टल निकालकर बाहर आया और उसने अपने ताऊ सर्वेश्वर पर गोली चला दी। गोली लगने से सर्वेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि फायरिंग स्वयं सर्वेश्वर के छोटे भाई ने की है। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी संजय पाठक और चौकी प्रभारी विजय कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर और सीओ विभव सैनी भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। वहीं एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपी पक्ष के लाइसेंसी रिवॉल्वर के लाइसेंस को निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं।
सर्वेश्वर के घर खुशियां मातम में बदलीं
घर में नन्हे मेहमान के नामकरण को लेकर खुशियों का माहौल था। आंगन में सजावट की जा रही थी, रसोई में पकवान बन रहे थे और परिवार के लोगों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा था। भूमि विवाद में भाई ही सर्वेश्वर सिंह की जान ले लेगा। पलभर में खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।

घर पर नामकरण संस्कार की चल रही थी तैयारी
सोमवार को होने वाले नामकरण संस्कार की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं और परिवार इस शुभ अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों ने बताया कि सर्वेश्वर सिंह ने अपने नाती के स्वागत के लिए खिलौनों और नए कपड़ों की खरीदारी की थी। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा शिवा सिंह खेतीबाड़ी का काम संभालता है, जबकि छोटा बेटा अंकित नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। बेटी नेहा की शादी किच्छा में हुई है और उसी के पुत्र के नामकरण का कार्यक्रम था। परिवार, रिश्तेदारों में खासा उत्साह था। इसी बीच जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद अचानक उग्र हो उठा। भाई ने ही सर्वेश्वर को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। जिस घर में कुछ घंटों देर बाद खुशियों की गूंज सुनाई देने वाली थी, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई।

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