पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर बैंक यूनियनों का मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान

कृतिका भारद्वाज
जनादेश /नई दिल्ली: देशभर के प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के चलते देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, हड़ताल 26 जनवरी की मध्यरात्रि से शुरू होकर 27 जनवरी की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। हड़ताल का नोटिस यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) द्वारा जारी किया गया है, जो नौ बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है।
यह नोटिस औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत भारतीय बैंक संघ (आईबीए), मुख्य श्रम आयुक्त और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) को भेजा गया है। यूनियनों की प्रमुख मांग है कि सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित कर पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू किया जाए।
यूएफबीयू का कहना है कि भारतीय बैंक संघ इस प्रस्ताव की सिफारिश पहले ही सरकार से कर चुका है। यह सिफारिश 7 दिसंबर 2023 को आईबीए और यूएफबीयू के बीच हुए समझौता ज्ञापन के आधार पर की गई थी, जिसके बाद 8 मार्च 2024 को समझौता और संयुक्त नोट जारी किया गया था।
हालांकि, यूनियनों का कहना है कि यह प्रस्ताव अभी तक सरकार और बैंकिंग नियामकों की अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में है।
यूनियनों ने स्पष्ट किया कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग नई नहीं है। इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, जब बैंकों में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश लागू किया गया था। तब से अब तक इस मुद्दे पर आईबीए के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है और व्यापक सहमति भी बनी है।
यूनियनों ने यह भी बताया कि उन्होंने रोजाना कार्य समय में लगभग 40 मिनट की बढ़ोतरी पर सहमति जताई है, ताकि कुल साप्ताहिक कार्य समय में कोई कमी न आए।
इसके बावजूद, यूनियनों का आरोप है कि सुलह बैठकों में आश्वासन दिए जाने के बावजूद पिछले नौ महीनों से कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इसी देरी के चलते यूनियनों को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।



