एक भ्रष्ट पदाधिकारी को हटा कर महाभ्रष्ट को सौंप दी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी
सहायक अभियंता दिग्विजयनाथ तिवारी पर पहले ही हो चूका है FIR

जनादेश देहरादून !
बताते चले की इन दिनों भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार शक्त कदम उठा रही है पर क्या किसी भ्रष्ट कर्मचारी पर कार्यवाही के बाद महाभ्रष्ट कर्मचारी को इसकी जिम्मेदारी दी जा सकती है क्या ? ऐसा ही एक मामला टिहरी मै तैनात सहायक अभियंता पंकज पाठक द्वारा टिहरी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण मे स्वीकृत मानचित्र मे छेडछाड़ का मामला सामने आया जिसमे सहायक अभीयंता पंकज त्रिपाठी को पद से हटा दिया गया परन्तु वही दूसरी तरफ टिहरी मे ही तैनात दिग्विजनाथ तिवारी को पंकज त्रिपाठी को जिम्मेदारी दे दी गई है, विदित हो की दिग्विजयनाथ तिवारी द्वारा धोखोधड़ी करते हुए अपने पूर्व तैनाती स्थल देहरादून मे एक व्यक्ति को बंधक बनवा कर उसका घर उसकी पत्नी से अपने जानने वाले के नाम उपहार करवा दिया गया जिसकी रिपोर्ट उक्त व्यक्ति द्वारा की गई है. कुछ दिनों पूर्व ही उस व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री महोदय के आलावा न्यायालय व अन्य कई मंत्रालय व एजेंसियो को लिखित शिकायत भेजी गई है की जिस दिन उपहार विलेख तैयारी हुआ उस दिन की मेरी उपस्थित मेरे मोबाईल का लोकेशन निकाल लिया जाए तो दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा. अब सवाल यह उठता है जिस सहायक पर पहले से मुकदमा दर्ज है उसे अब दो दो जिम्मेदारियो का बोझ उठाना पड़ेगा और दिग्विजयनाथ तिवारी द्वारा फिर से किसी अन्य घटना को अंजाम दिया जायेगा और उसे नई जिम्मेदारिया मिलती रहेगी अब इन नई जिम्मेदारियों के पीछे क्या राज है यह अगले अंक मे बतायेगे.
