उत्तराखंडमुंबई

मौद्रिक नीति समीक्षा: RBI गवर्नर का फैसला, 5.25% पर कायम रही ब्याज दरें

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी नवीनतम बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि केंद्रीय बैंक फिलहाल अपने ‘न्यूट्रल’ रुख को जारी रखेगा। इस फैसले से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों को राहत मिलेगी, क्योंकि उनकी ईएमआई में तत्काल किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं होगी।

आर्थिक विकास और महंगाई के अनुमान में बदलाव

वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने आर्थिक अनुमानों में संशोधन किया है।

  • वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • खुदरा महंगाई (सीपीआई) का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • कोर महंगाई दर चालू वित्त वर्ष में 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वैश्विक हालात पर आरबीआई की नजर

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और चुनौतियों का असर अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। कमजोर वैश्विक मांग, बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण भारतीय निर्यात क्षेत्र दबाव में है। वहीं, कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में लगातार वृद्धि से चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में ब्याज दरों और मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले आर्थिक आंकड़ों और परिस्थितियों के आधार पर लिए जाएंगे।

Janadesh Express

Related Articles

Back to top button