उत्तराखंड

मरी महिला को जिंदा समझ शव लेकर भटकते रहे घरवाले, 4 अस्पतालों में चला ‘इलाज’

कृतिका भारद्वाज 

जनादेश lदेहरादून के विकासनगर में हैरान और अस्पतालों की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां हरबर्टपुर स्थित एक निजी संस्था के अस्पताल में एक महिला की मौत हो गई थी। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी। वे शव को जिंदा समझ उपचार के लिए अन्य तीन अस्पतालों में भी भटके। इन अस्पतालों ने भी महिला की मौत की जानकारी घरवालों को नहीं दी। आखिर में 20 किलोमीटर दूर एक अस्पताल में डॉक्टरी जांच के बाद बताया गया कि महिला की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी है। मामले में एसडीएम ने लापरवाही के मामले में जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, महिला को सबसे पहले जिस अस्पताल में भर्ती किया गया था, वहां इलाज के दौरान ही महिला की मौत हुई थी, अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। लेकिन परिजनों को नहीं दी। इसे लेकर परिजनों में काफी रोष है। दोपहर में महिला की मौत की सच्चाई परिजनों को देर शाम मालूम हुई।मामला क्या है
सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव की 25 वर्षीय महिला की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे हरबर्टपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने पहुंचे। आरोप है कि उपचार के दौरान ही परिजन महिला को अस्पताल से अपने साथ ले गए। जबकि अस्पताल प्रबंधन ने उसी समय पुलिस को महिला की मौत की सूचना दे दी। परिजन महिला को तीन अस्पतालों में लेकर पहुंचे। तीन अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए।घंटों बाद मौत की सच्चाई सामने आई
इसके बाद परिजन करीब 20 किलोमीटर दूर झाझरा स्थित अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला की मौत हो चुकी है। जिसके बाद महिला का शव लेकर परिजन गांव लौट आए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच शाम करीब 7 बजे हरबर्टपुर अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर सहसपुर पुलिस गांव पहुंच गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव मांगा। लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। और हंगामा करने लगे।

ढाई घंटे तक परिजनों का हंगामा
पूर्व ब्लॉक प्रमुख जसविंदर सिंह बिट्टू और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरा गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। जिसके बाद एसडीएम की अनुमति से शव परिजनों को सौंप दिया गया।मामले में नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी का कहना है कि हरबर्टपुर स्थित एक निजी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही मामले में सामने आई है। जब मृत्यु की सूचना दे दी गई थी तो परिजनों को शव क्यों सौंप दिया गया। एसडीएम को मामले की रिपोर्ट दे दी गई है।

Janadesh Express

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