उत्तराखंड में टूरिस्ट कैंप में घुसकर गुलदार ने सिक्किम के युवक पर किया हमला, हालत गंभीर

कृतिका भारद्वाज
जनादेश /चंपावत। नेपाल सीमा से सटे पंचेश्वर के रीवर ट्रेल टूरिस्ट कैंप में मंगलवार शाम एक बड़े गुलदार ने वन विभाग की टीम के सामने ही कैंप में घुसकर सिक्किम के गंगटोक निवासी 47 वर्षीय इयान पर हमला कर दिया। जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, हालांकि उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से इस गुलदार की चहलकदमी कैंप की ओर दिखाई पड़ रही थी।कैंप संचालक दिल्ली निवासी डेनियल अब्राहिम और दीपक सामंत ने बताया कि दोपहर से ही गुलदार कैंप क्षेत्र में सक्रिय था। उसने कई कैंपों को नुकसान पहुंचाया और लोगों के हल्ला मचाने पर भाग निकला। थोड़ी देर बाद गुलदार चुपचाप कैंप के शौचालय में छिप गया। इस दौरान राफ्टिंग कार्य से जुड़ा युवक इयान शौचालय गया तो अचानक गुलदार ने उस पर हमला बोल दिया।लोगों के हल्ला करने से भागा गुलदार
युवक के चीखने और शोर मचाने पर अन्य लोगों के हल्ला करने से गुलदार इयान को छोड़कर भाग निकला। घायल इयान को डेनियल ने तुरंत अपने वाहन से लोहाघाट उप-जिला चिकित्सालय पहुंचाया। वहां चिकित्सा अधीक्षक डा. विराज राठी के नेतृत्व में डॉ. दिव्यांशी ने प्राथमिक उपचार किया। डॉ. राठी ने बताया कि घायल युवक की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन उसके शरीर और चेहरे पर गुलदार के दांत व पंजों के गहरे निशान हैं। प्राथमिक उपचार के बाद इयान को बेहतर इलाज और जांच के लिए चंपावत जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है।
कैंप संचालक डेनियल अब्राहिम ने बताया कि यह काफी बड़ा गुलदार है और इसकी हरकतें सामान्य गुलदारों से अलग हैं। इससे पहले पुल्ला में शवयात्रा के दौरान आए लोगों पर भी इसी गुलदार ने हमला करने की कोशिश की थी। ग्रामीणों में घटना से दहशत फैल गई है। सभी ने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने और गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने या मारने की मांग की है।
क्षेत्र में गुलदार के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मात्र तीन दिन पहले लोहाघाट के धौनी शिलिंग गांव डकला में एक महिला पर गुलदार ने हमला किया था। पंचेश्वर से शिलिंग डकला की दूरी लगभग 8-10 किलोमीटर है।
पंचेश्वर क्षेत्र में पांच ट्रैप कैमरा और एक पिंजरा लगा दिया गया है। वन टीम गस्त कर रही है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। घायल युवक इयान को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। – नारायण दत्त पांडेय, रेंजर



