9 साल तक सरकारी नौकरी वाली महिला का शोषण, BJP नेता को HC से झटका; तीन दिन की मोहलत

कृतिका भारद्वाज
जनादेश lहाईकोर्ट ने अल्मोड़ा जिले के भतरौंजखान थाने में दर्ज महिला उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए अहम निर्देश दिए हैं। यह मामला भाजपा से जुड़े नेता नंदन सिंह रावत पर लगे आरोपों से संबंधित है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की गई, साथ ही गिरफ्तारी से राहत की भी अपील की गई।हालांकि, कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आरोपी को निर्देश दिया कि वह तीन दिनों के भीतर पीड़िता से मुलाकात कर विवाह संबंधी विवाद का समाधान निकालने का प्रयास करे। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की गई है।शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण किया
मामले के अनुसार पीड़िता, जो विकासखंड मुख्यालय में कार्यरत है, ने बीती 9 मार्च को भतरौंजखान थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नंदन सिंह रावत ने पिछले लगभग 9 वर्षों तक उसे शादी का झूठा झांसा देकर शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण किया।
विवाह का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में मुकर गया
महिला के अनुसार, करीब नौ वर्ष पहले आरोपी उसे अल्मोड़ा स्थित चितई गोल्ज्यू मंदिर ले गया था और विवाह का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में शादी नहीं की। इस दौरान दोनों साथ रहे, विभिन्न स्थानों पर घूमे-फिरे और आरोपी उसके परिवार के संपर्क में भी रहा।किसी अन्य महिला से विवाह करने की तैयारी में है
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके सरकारी पद का लाभ उठाकर उससे गाड़ी, कपड़े, मकान किराया और अन्य निजी खर्चों के नाम पर लाखों रुपये लिए। जब महिला ने संबंध को कानूनी रूप देने के लिए विवाह पंजीकरण की बात कही, तो आरोपी और उसके परिजनों ने कथित तौर पर जातिगत आधार पर शादी से इनकार कर दिया। साथ ही उसे धमकाया भी गया। पीड़िता का कहना है कि अब आरोपी किसी अन्य महिला से विवाह करने की तैयारी में है, जिसकी जानकारी उसे सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी, ठगी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।



