हिमस्खलन अलर्ट: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों के लिए चेतावनी जारी, पर्यटकों को यात्रा से बचने की सलाह

कृतिका भारद्वाज
जनादेश /देहरादून: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए शनिवार शाम 5 बजे से अगले 24 घंटे के लिए हिमस्खलन (एवलांच) की चेतावनी जारी की गई है। राज्य सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
रक्षा भू-सूचना अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई), चंडीगढ़ द्वारा जारी एवलांच वार्निंग बुलेटिन (एडब्ल्यूबी) में बर्फ की स्थिति को आंशिक रूप से अस्थिर बताया गया है और कुछ स्थानों पर प्राकृतिक हिमस्खलन की आशंका जताई गई है।
बुलेटिन के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में 2,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन खतरे का स्तर-2 (पीला) दर्ज किया गया है। वहीं चमोली जिले में खतरा अधिक है, जहां 3,000 मीटर से ऊपर के इलाकों के लिए स्तर-3 (नारंगी) चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में मध्यम आकार के हिमस्खलन की संभावना जताई गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी चिन्हित जिलों को अलर्ट पर रखा है और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों और संसाधनों को तैयार रखने, पर्यटकों व स्थानीय लोगों को सतर्क करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फील्ड स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाने और जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा परामर्श का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और डीजीआरई तथा मौसम विभाग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”
शनिवार को उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने, सार्वजनिक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने तथा बंद पड़ी सड़कों की बहाली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।