UGC Bill को लेकर संत समाज ने जताई कड़ी आपत्ति, बोले- यह व्यवस्था समाज में उत्पन्न कर सकती विभाजन की स्थिति

कृतिका भारद्वाज
जनादेश /उत्तराखंड :यूजीसी कानून को लेकर संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है।
संतों का कहना है कि यह व्यवस्था समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न कर सकती है और शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में असंतुलन पैदा करेगी।
महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज ने कहा कि यूजीसी से जुड़े प्रावधान समाज को बांटने वाले प्रतीत होते हैं।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसा कोई भी निर्णय न लिया जाए जिससे सामाजिक एकता प्रभावित हो। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर और संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।महामंडलेश्वर स्वामी आदियोगी पुरी महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा समानता में निहित है। संविधान का अनुच्छेद 14 प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है।
यदि कोई नीति जाति, वर्ग या पहचान के आधार पर विभाजन की आशंका उत्पन्न करती है, तो उस पर पुनर्विचार आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी से जुड़े निर्णय केवल शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य और युवाओं की मानसिक दिशा से भी जुड़े हैं।
महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि किसी भी व्यवस्था में भय का वातावरण नहीं होना चाहिए। शिक्षा का क्षेत्र विश्वास, संवाद और निष्पक्षता पर आधारित होना चाहिए।
स्वामी नागेंद्र महाराज तथा अन्य संतों ने भी सरकार से यूजीसी अधिसूचना पर पुनर्विचार कर उसे वापस लेने की मांग दोहराई।