उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली में दो जगह बादल फटने से तबाही, 3 गांव तबाह, 12 लोग लापता

कृतिका भारद्वाज

जनादेश :उत्तराखंड के चमोली स्थित नंदानगर घाट क्षेत्र के तीन गांवों में देर रात बादल फटने और भारी बारिश से फ्लैश फ्लड ने भयंकर तबाही मचा दी. हादसे में लापता होने वाले की संख्या 3 से बढ़कर 12 हो गई है. नंदानगर तहसील के अंतर्गत कुन्तरी लगाफाली, सरपाणी और धुर्मा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां कई घर मलबे में दब गए और खेत-खलिहान तबाह हो गए हैं. वहीं, हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर मेडिकल टीम, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंच गई हैं.शुरुआती जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुंतरी लगाफाली में भारी बारिश के कारण मलबा आने से कई घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इस भीषण आपदा में 8 लोग लापता बताए जा रहे हैं और 3 लोग घायर हो गए हैं. इसके बाद धुर्मा गांव में भी बादल फटने की जानकारी मिली, जहां कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 2 लोग लापता हो गए हैं. जांच में मवेशियों के नुकसान की भी बात सामने आई है. इस प्राकृतिक आपदा में कुल 12 लोगों के लापता होने की सूचना है. स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं. बताया जा रहा है कि इस प्राकृतिक आपदा में 32 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

बचाव कार्य में जुटीं रेस्क्यू टीमें स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भी गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना हो गई है. पुलिस और रेस्क्यू टीम ने 200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है.मौके पर पहुंची तीन एंबुलेंस

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि मेडिकल टीम के साथ-साथ तीन 108 एम्बुलेंस भी घटनास्थल पर भेज दी गई हैं, ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके.

नंदानगर में बादल फटने के कारण अचानक आए मलबे ने क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया है. मलबे की चपेट में आने से कई घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय हुई इस घटना ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. लापता लोगों की तलाश मे बचाव दल काम kr रहा है जैसे ही घटना की सूचना मिली, स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने और लापता व्यक्तियों की खोज में लगी हुई हैं। मेडिकल टीमें भी मौके पर मौजूद हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके.बचाव कार्य पूरा होने पर मिली स्थिति की जानकारी

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अभी तक इस घटना में हुए वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है. बचाव कार्य पूरे होने के बाद ही स्थिति की पूरी जानकारी सामने आ पाएगी.

भारी बारिश की चेतावनीइसी बीच मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, घनसाली, शिवपुरी, देवप्रयाग, ऋषिकेश, चंबा, मसूरी और धनोल्टी के अलग-अलग इलाकों में गरज और तूफान के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है.

Janadesh Express

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