उत्तराखंड

सेना ने एवरेस्ट में नया कीर्तिमान गढ़ा, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

कृतिका भारद्वाज

जनादेश /उत्तराखंड lभारतीय सेना ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर एक नया इतिहास रचते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। सेना की एडवेंचर विंग के 49 सदस्यीय विशाल दल ने 27 मई 2025 को सफलतापूर्वक एवरेस्ट शिखर पर चढ़ाई की। यह अब तक माउंट एवरेस्ट के शिखर तक पहुंचने वाला दुनिया का सबसे बड़ा संगठित पर्वतारोहण अभियान दल माना गया है।इस ऐतिहासिक अभियान का नेतृत्व उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी ने किया। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के इस दल को 22 जनवरी 2026 को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा “विश्व का सबसे बड़ा एवरेस्ट पर्वतारोहण दल” घोषित किया गया। इस रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाणपत्र सेना को हाल ही में पिछले शुक्रवार को प्राप्त हुआ है।सेना की पर्वतारोही टीम में 4 उत्तराखंड से
अभियान दल में भारतीय सेना के 22 प्रशिक्षित पर्वतारोही और नेपाल के 27 अनुभवी शेरपा शामिल थे। खास बात यह रही कि इन 22 भारतीय पर्वतारोहियों में से चार उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र से थे, जिससे राज्य में इस उपलब्धि को लेकर विशेष गर्व की भावना देखी जा रही है। यह अभियान भारतीय सेना के प्रतिष्ठित ‘सिल्वर जुबली एवरेस्ट अभियान’ के अंतर्गत संचालित किया गया।

कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस
यह अभियान वर्ष 2000 में भारतीय सेना द्वारा किए गए अंतिम एवरेस्ट अभियान की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। दल अप्रैल 2025 के मध्य भारत से रवाना हुआ और 23 अप्रैल 2025 को एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचा। इसके बाद पर्वतारोहियों ने कैंप-1 से कैंप-4 तक चरणबद्ध तरीके से चढ़ाई करते हुए कठिन मौसम, अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद को अनुकूलित किया।26 मई की देर रात अंतिम शिखर अभियान की शुरुआत हुई। बेहद प्रतिकूल हालात के बावजूद 27 मई 2025 की सुबह पूरे दल ने एकजुट होकर माउंट एवरेस्ट के शिखर पर तिरंगा फहराया और इतिहास रच दिया।

साहस, अनुशासन और टीम भावना की मिसाल
लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी ने इस उपलब्धि को भारतीय सेना के साहस, कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन, मजबूत टीम भावना और भारत-नेपाल के बीच उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड न केवल सेना की साहसिक क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि समन्वय और दृढ़ संकल्प के साथ असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

Janadesh Express

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