उत्तराखंड

भर्ती घोटाले और अंकिता हत्याकांड पर धामी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, गैरसैंण में गरमाएगा बजट सत्र

कृतिका भारद्वाज 

जनादेश /उत्तराखंड lचुनावी साल में जहां एक तरफ पुष्कर धामी सरकार बजट सत्र में बैटिंग के मूड में है तो कांग्रेस ने बजट सत्र के दौरान सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। सत्र की अवधि बढ़ाने के साथ भर्ती घोटालों की जांच, महिला अपराधों में वृद्धि और अंकिता भंडारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और गैरसैंण की उपेक्षा, बुनियादी सुविधाओं की कमी, आपदा व स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी है।राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पटल पर रखे जाने का भी विरोध होगा। विपक्ष का आरोप है कि इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जिसका पुरजोर विरोध सदन में किया जाएगा। रविवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंड) स्थित शासकीय आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस विधायकों ने सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा कर सुझाव दिए।आर्य ने कहा कि सत्र की अवधि कम होने का कांग्रेस की ओर से कड़ा विरोध किया जाएगा। प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं व जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और न ही सदन में बहस करना चाहती है। कांग्रेस की मांग है कि कम से कम 20 से 22 दिन का सत्र चले। इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सदन से सड़क तक कांग्रेस विरोध करेगी।

नेता प्रतिपक्ष- जनता के मुद्दों को सदन में उठाएंगे
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार विपक्ष से सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपेक्षा रखती है, तो सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह प्रदेश की जनता से जुड़े ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करे। लोकतंत्र में विधानसभा केवल विधायी कार्यवाही का मंच नहीं होती, बल्कि यह वह सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की आवाज उठाई जाती है और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाता है।

ये विधायक नहीं रहे मौजूद
कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में कुल 14 विधायक उपस्थित हुए। प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला, आदेश चौहान, तिलक राज बेहड और विरेंद्र जाति विभिन्न कारणों से बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए। हालांकि बैठक के तुरंत बाद प्रीतम सिंह भराड़ीसैंण पहुंच गए थे।

नेता प्रतिपक्ष आर्य से मिले मुख्यमंत्री धामी
गैरसैंण। विधानसभा सत्र प्रारंभ होने से पहले रविवार को मुख्यमंत्री व नेता सदन पुष्कर सिंह धामी और संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके भराड़ीसैंण स्थित सरकारी आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार सत्र प्रारंभ होने से पहले इस प्रकार की मुलाकातें सामान्य होती हैं, जिनका उद्देश्य सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्वक, मर्यादित और सुचारु रूप से चलाना होता है। निश्चित रूप से सरकार की ओर से यह अपेक्षा रहती होगी कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को सहयोग के साथ चलाए, ताकि प्रदेश से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा हो सके।

सरकार की घेरेबंदी
विधासनभा के बजट सत्र में महंगी बिजली, सूखे नल को लेकर सदन के भीतर सरकार की घेरेबंदी होगी। जल जीवन मिशन को लेकर पक्ष विपक्ष दोनों ओर से सवाल उठाए जाएंगे। कांग्रेस, बसपा, निर्दलीय विधायकों के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों की ओर से भी बिजली, पानी, सड़क से जुड़े मुद्दों पर विभागों की घेरेबंदी की जाएगी।

कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने बताया कि हर घर नल से जल का वादा अधूरा रह गया है। सिर्फ कागजों में ही आंकड़ेबाजी कर अपनी पीठ खुद थपथपाई जा रही है। जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। जिन गांवों में नल लगाए गए हैं, उनमें कहीं पानी नहीं पहुंचा है। सिर्फ बजट ठिकाने लगाने का काम हुआ है। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि सरकार को महंगी बिजली पर जवाब देना होगा। ऊर्जा प्रदेश में ही हर माह बिजली के रेट बढ़ने से जनता परेशान है। पहले तो साल में सिर्फ एकबार बिजली के दाम बढ़ाए जाते थे, अब हर महीने ही बिजली के रेट बढ़ाए जा रहे हैं।

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