उत्तराखंड

कैनुला से जहरीला इंजेक्शन लगाने का मामला: डॉ. तन्वी सुसाइड केस में मेडिकल एंगल पर गहराई से जांच

कृतिका भारद्वाज 

जनादेश /देहरादून। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तन्वी की आत्महत्या के मामले में पुलिस की जांच अब इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य सबूतों पर केंद्रित हो गई है। शुक्रवार को पुलिस ने अस्पताल से लेकर उस स्थान तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जहां डॉ. तन्वी ने अपनी कार खड़ी कर कैनुला के माध्यम से खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाया था।

क्या सुसाइड से पहले कार में कोई और मौजूद था?

सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि नाइट ड्यूटी के बाद जब डॉ. तन्वी अस्पताल से निकलीं और कार लेकर गईं, तो उस पूरे रूट की गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि सुसाइड से ठीक पहले या उस दौरान कार में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद तो नहीं था।

पुलिस विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की टाइमिंग और फुटेज का बारीकी से मिलान कर रही है। इसके अलावा, जिन दवाओं का उपयोग उन्होंने किया, वे कहां से प्राप्त की गईं, इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद होगा निर्णय

इधर, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने डॉ. तन्वी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मामला पुलिस और कॉलेज प्रशासन की जांच के अधीन है।

स्थानीय प्रशासन की ओर से एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो सभी तथ्यों और साक्ष्यों का निष्पक्ष अध्ययन करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

डॉ. प्रियंका गुप्ता के समर्थन में उतरी सोसाइटी

इस बीच देहरादून ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी ने कॉलेज के नेत्र विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता के समर्थन में बयान जारी किया है। सोसाइटी का कहना है कि डॉ. प्रियंका गुप्ता एक अनुभवी और समर्पित चिकित्सक हैं।

Janadesh Express

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