ऑपरेशन म्यूल हंट: 2289 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा, फर्जी खातों पर AI से लगेगी लगाम
गांधीनगर। देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन और साइबर नेटवर्क के बीच गुजरात पुलिस और साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CCOE) ने ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ के तहत एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। केंद्रीय एजेंसियों और देशभर के डिजिटल डेटा के सहयोग से चलाए गए इस अभियान में करीब 2289 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा हुआ है।
साल 2025 में शुरू किए गए इस ऑपरेशन में गुजरात पुलिस के साथ सभी पुलिस कमिश्नर, रेंज प्रमुख, स्थानीय क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस स्टेशनों को शामिल किया गया था। अभियान के दौरान इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), NCRP पोर्टल, कोऑर्डिनेशन पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया गया।
इस डेटा इंटेलिजेंस के आधार पर सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष सपोर्ट टीम बनाई गई। इसके साथ ही बैंकों के साथ रियल-टाइम डेटा शेयरिंग सुनिश्चित कर बेहतर समन्वय स्थापित किया गया।
साइबर पुलिस ने इस समन्वित रणनीति के जरिए फर्जी या म्यूल खातों के जरिए हो रही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।



