उत्तराखंड

संतो की प्रतिष्ठा को धूमिल करते आधुनिक पुजारी

पुजारी,कर्मचारी और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट, हरिद्वार सिद्ध पीठ दक्षिण काली मंदिर में लाठी डंडों से पीटा

मयंक पाण्डेय की रिपोर्ट –

कहते हैं कि संत कभी उत्तेजित नहीं होता, संतों की एक अपनी गरिमा होती है, संत बहुत ही शब्द और शालीन होते हैं. संतो को ऊपर पूरा समाज विश्वास करता है, की आध्यात्मिक की सारी बागडोर संतों के हाथ में रहती है, और अगर वही संत शास्त्र छोड़ शस्त्र उठा लें और मर्यादित तरीके से समाज में प्रसिद्धि हासिल करें  तो फिर संत शब्द की, गरिमा कैसे बचेगी. बताते चलें कि  सिद्ध पीठ दक्षिण काली मंदिर में अप सहारनपुर के श्रद्धालुओं और पुजारी को भी जमकर लाठी डंडे चले विवाद पार्किंग में पर्ची काटने को लेकर हुआ बताया गया कि पहले श्रद्धालुओं ने मारपीट की उसके बाद पुजारी और कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

श्रद्धालुओं के कंट्रोल रूम को सूचना देने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल मारपीट की घटना के बाद श्रद्धालु पक्ष के लोगों मंदिर में वापस लौट गए वहीं मंदिर प्रबंधन की ओर से देर शाम तक पुलिस को शिकायत दी जा रही थी पुलिस के मुताबिक हरिद्वार के सीन पीठ दक्षिण काली मंदिर में रविवार को अप सहारनपुर के कुछ श्रद्धालु आए थे मंदिर परिसर में गाड़ी ले जाने पर कर्मचारियों ने उनसे पर्ची कटवाने को कहा इस बात को लेकर उनके बीच कहां सुनी हो गई. आप है कि श्रद्धालुओं ने कर्मचारियों को पीट दिया शोर सर्वस सुनकर मंदिर के पुजारी भी एकत्रित हो गए उन्होंने समझने का प्रयास किया आरोप है कि श्रद्धालुओं ने उनके साथ भी अवतरता करते हुए हातपाई कर दी इसके बाद पुजारी और कर्मचारियों ने मिलकर श्रद्धालुओं को दौड़ा लिया . राखी डंडे से उन्हें जमकर पीटा सूचना पर चंडी घाट चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और विवाद शांत कराया घटना के बाद श्रद्धालु पक्ष मौके से निकल गया मारपीट के अलग-अलग वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने दक्षिण पीठाधीश्वर स्वामी कैलसानंद गिरी से घटना के संबंध में जानकारी ली यश ने बताया कि फिलहाल किसी विपक्ष से लिखित शिकायत नहीं आई है शिकायत आने पर मुकदमा दर्ज करवाई की जाएगी

Janadesh Express

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