दिल्ली

राज्यसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस को मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद, सिद्धारमैया के सामने बढ़ सकती हैं चुनौतियां

नई दिल्ली।राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस पार्टी में हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व जल्द ही छह राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला कर सकता है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून को प्रस्तावित है।

निर्वाचन आयोग द्वारा 27 राज्यसभा सीटों के चुनाव की अधिसूचना 1 जून को जारी की गई थी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। कुल 27 सीटों में से 24 सीटों पर नियमित द्विवार्षिक चुनाव होंगे, जबकि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की एक-एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।

कांग्रेस के भीतर कर्नाटक की तीन सीटों तथा राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड की एक-एक सीट को लेकर दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। कई वरिष्ठ नेता राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है। खरगे वर्तमान में राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। वहीं, पार्टी नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भी राज्यसभा भेजने पर विचार कर रहा है, हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यदि सिद्धारमैया राज्य की सक्रिय राजनीति में बने रहने का विकल्प चुनते हैं, तो समीकरण बदल सकते हैं।

कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य बी.के. हरिप्रसाद भी राज्यसभा का कार्यकाल दोबारा हासिल करने की कोशिश में हैं। उनकी विधान परिषद (एमएलसी) सदस्यता का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। तीसरी सीट पर किसी महिला नेता को मौका दिए जाने की चर्चा है। इसके लिए राज्य मंत्री सौम्या रेड्डी और एआईसीसी पदाधिकारी अंजलि निंबालकर के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।

पार्टी नेतृत्व तीसरी सीट किसी बाहरी नेता को भी दे सकता है। इस क्रम में आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला का नाम चर्चा में है। माना जा रहा है कि उन्हें राज्यसभा भेजकर कांग्रेस आंध्र प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने का संदेश देना चाहती है।

मध्य प्रदेश की एकमात्र सीट के लिए भी कई नाम चर्चा में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चुनाव लड़ने की इच्छा न होने के संकेत दिए हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्यसभा जाने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, एआईसीसी नेता मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश के कुछ नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को आगाह किया है कि यदि मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया गया तो कुछ विधायक क्रॉस-वोटिंग कर सकते हैं।

राजस्थान और झारखंड से भी एआईसीसी मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा का नाम चर्चा में है। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं। राज्य में राज्यसभा की दो सीटों में से एक जेएमएम और एक कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है।

Janadesh Express

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