अदृश्य आफत ‘लू’ का कहर: 24–25 अप्रैल को यूपी में अलर्ट, बचाव ही सबसे बड़ा हथियार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गर्मी ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा चेतावनी के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू चलने की आशंका है। राजधानी लखनऊ के विकास नगर और नोएडा समेत कई इलाकों में हालिया अग्निकांड इस बढ़ती गर्मी के खतरनाक संकेत दे चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तापमान वृद्धि के चलते हीट वेव अब एक गंभीर आपदा के रूप में उभर रही है, जिसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जा रहा है।
लू का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों और खुले में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ता है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोपहर का समय जानलेवा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञ की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ नन्दकिशोर साह ने बताया कि “हीट वेव के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और डिहाइड्रेशन की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। समय रहते लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार बेहद जरूरी है, अन्यथा स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।”
उन्होंने कहा कि तेज बुखार, उल्टी, चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी लू के प्रमुख संकेत हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
क्या करें, क्या न करें (डॉक्टर की सलाह)

डॉ साह के अनुसार—
प्यास न लगे तब भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें
ओआरएस, नारियल पानी, सत्तू और आम का पना शरीर में लवण की कमी पूरी करते हैं
हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
परहेज करें:
शराब, चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स
बासी और भारी भोजन
संवेदनशील वर्ग का रखें विशेष ध्यान
डॉ नन्दकिशोर साह ने विशेष तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि “यदि बच्चे के पेशाब का रंग गहरा हो रहा है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत है। ऐसे में तुरंत पानी और तरल पदार्थ देना जरूरी है।”
श्रमिकों और किसानों के लिए सलाह
उन्होंने बताया कि खुले में काम करने वाले लोगों के लिए खतरा अधिक है, इसलिए—
काम सुबह या शाम के समय करें
दोपहर में छायादार स्थान पर विश्राम करें
कार्यस्थल पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें

